30 साल में स्पेन पहुंचने वाले भारत के पहले PM

मैड्रिड. चार यूरोपीय देशों के दौरे पर निकले नरेंद्र मोदी मंगलवार को स्पेन पहुंचे। 30 साल में यहां पहुंचने वाले वे पहले भारतीय पीएम हैं। मैड्रिड के जिस होटल में मोदी रुके हैं, उसके बाहर उन्होंने लोगों से मुलाकात की। हाथ मिलाया और फोटो भी खिंचवाई। मोदी स्पेन के प्रेसिडेंट मारियानो राजॉय और किंग फिलिप VI से मुलाकात करेंगे। इससे पहले मोदी सोमवार को जर्मनी पहुंचे थे। दोनों देशों के बीच 8 MOU साइन किए गए। ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा- भारत और जर्मनी एक-दूजे के लिए बने हैं। स्पेन के बाद पीएम रूस और फ्रांस भी जाएंगे।

रूस में भारत के एम्बेसडर पंकज सरन ने कहा, "सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) काफी मायने रखता है। भारत की अहमियत को देखते हुए मोदी को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में इनवाइट किया गया है। ये हमारे लिए सम्मान की बात है।"
- "मोदी और पुतिन 2 जून को भारतीय-रूसी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे। भारत में रूस का इन्वेस्टमेंट बढ़ाना हमारी पहली प्रायोरिटी है। इसके लिए SPIEF अच्छा मौका साबित हो सकता है।"
- "भारत-रूस इस बात पर भी राजी हैं कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी देश से बाकायदा कानून बनाकर निपटा जाए।"

जर्मन कंपनियों के स्वागत के लिए खड़े हैं

- इंडो-जर्मन बिजनेस समिट में मोदी ने कहा, "हमारी इकोनॉमिक पार्टनरशिप अभी भी काफी मजबूत है। इसे और आगे बढ़ाने के लिए हम जर्मन कंपनियों का स्वागत करने के लिए खड़े हैं। मेक इन इंडिया ने बड़ा असर डाला है। जर्मनी मेक इन इंडिया को कामयाब बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग कर रहा है।"

- "जीएसटी देश का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कर सुधार है, जो अगले महीने से लागू हो रहा है। हमारा जोर सुशासन को बढ़ाने पर है। भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी सुधारों को लागू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। भारत की FDI पॉलिसी पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा उदार है। यहां 90% फॉरेन इन्वेस्टमेंट ऑटोमैटिक रूट से होता है।"

- "मैं ज्यादा से ज्यादा जर्मन साथियों और कंपनियों को बुलाता हूं। हमारी दिशा, इच्छा और सपने बिजनेस के बड़े मौके बना रहे हैं। इससे पहले भारत बिजनेस के लिए इतना ज्यादा तैयार कभी नहीं था। हम टेकऑफ करने की स्थिति में हैं। मैं वादा करता हूं कि हम आपके साथ मिलकर कड़ी मेहनत करेंगे।"

# रूस: चीन के वन रोड-वन बेल्ट का मुद्दा उठाएंगे मोदी
- मोदी रूस में 31 से 2 जून तक रहेंगे। दौरे की शुरुआत में मोदी पिस्कारोवस्कोए सिमिट्री जाएंगे, जहां वे लेनिनग्राद संघर्ष में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे।
- यहां वे प्रेसिडेंट पुतिन के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में 18th भारत-रूस एनुअल मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
- 2 जून को यहां मोदी इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इसमें 1 हजार ग्लोबल इन्वेस्टर्स शामिल होंगे।
- इसके बाद मोदी को गेस्ट ऑफ ऑनर से नवाजा जाएगा।
एजेंडा: फॉरेन इन्वेस्टमेंट, डिफेंस और न्यूक्लियर प्लान्ट होगा। कई बड़े डिफेंस समझौते हो सकते हैं। रूस की कोशिश कुडनकुलम न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के पांचवें और छठवें प्लान्ट को बनाने का करार करना है।
- वहीं, भारत चीन के प्रोजेक्ट वन रोड-वन बेल्ट (OBOR) के मुद्दे को उठा सकता है। रूस में भी इसका विरोध हो रहा है।
कारोबार: रूस में भारत का 13 अरब डॉलर और भारत में रूस का 16 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट है। 2016 में दोनों देशों के बीच 7.71 अरब डॉलर कारोबार हुआ। दिसंबर 2014 में दोनों देशों के प्रमुखों ने 2025 तक कारोबार को 30 अरब डॉलर करने का टारगेट रखा है।